बुरहानपुर की मावा जलेबी: मोटे छल्ले, गहरा रंग और दूध का गाढ़ा स्वाद
इस जलेबी की पहचान उसके मावे में है। बाहर हल्की कुरकुराहट और भीतर नरम बनावट वाली मिठाई बुरहानपुर के खानपान का खास हिस्सा है।
प्रदेश से देश तक। खबरें, काम की जानकारी और पढ़ने लायक किस्से।
इस जलेबी की पहचान उसके मावे में है। बाहर हल्की कुरकुराहट और भीतर नरम बनावट वाली मिठाई बुरहानपुर के खानपान का खास हिस्सा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृषि महोत्सव में जिले की नई पहलों का ब्योरा दिया। प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए सातों विकासखंडों में हाट बाजार शुरू होने की जानकारी दी।
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 24 जिलों में सर्वे के बाद 2,254 स्कूलों की कार्ययोजना बनी थी। अगस्त के अंत तक करीब 78 प्रतिशत लक्ष्य पूरा होने की जानकारी दी गई।
खरीफ विपणन वर्ष 2026–27 के लिए प्रदेश में 1,100 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं। सशुल्क केंद्र पर प्रति पंजीयन अधिकतम 50 रुपये तय हैं।
सिवनी और छिंदवाड़ा में होमस्टे के साथ घर का भोजन और ग्रामीण परिवेश। मध्यप्रदेश पर्यटन की सूची से तीन अलग ठिकानों का परिचय।
सतपुड़ा की तलहटी से भूजल लाने की लगभग चार सदियों पुरानी व्यवस्था। भंडारों और भूमिगत रास्तों से बना यह तंत्र रहीम की इंजीनियरिंग समझ से जुड़ा है।
अभियान 5 अक्टूबर तक चलेगा। हर केंद्र की अपनी तीन दिन की कार्ययोजना बनेगी; खेल, स्वास्थ्य परीक्षण और पोषण संवाद कार्यक्रम में शामिल हैं।
ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में विशेषज्ञता के साथ प्रथम श्रेणी M.Sc. और वैध NET/GATE जरूरी है। परियोजना पद की शुरुआती अवधि 12 महीने है।
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के दस जलविद्युत गृहों के आंकड़े जारी। कंपनी ने मानसून से पहले उपकरणों की तैयारी को बेहतर उत्पादन से जोड़ा है।
CMLRE के पांच दिन के कार्यक्रम में नमूने जुटाने, DNA बारकोडिंग और जैवविविधता के आंकड़े प्रकाशित करने का प्रशिक्षण रखा गया। भारत समेत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के शोधकर्ता शामिल हुए।