दमोह में खेती का दायरा गेहूं, चना और धान से आगे बढ़ाने के लिए अश्वगंधा के बीज और कृषि प्रशिक्षण 100 से अधिक किसानों को दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 सितंबर को जिले के बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअल संवाद में यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिले में अगले खरीफ सीजन में मखाने का उत्पादन शुरू करने की तैयारी भी है। यह प्रस्तावित पहल है; इस सीजन में मखाने की पैदावार होने का दावा नहीं किया गया।
दूध और मछली से जुड़े काम भी
जिला स्तर की अन्य पहलों में पिछले एक साल में नौ नई दुग्ध सहकारी संस्थाएं पंजीकृत होने की जानकारी दी गई। क्षीरधारा ग्राम योजना के पहले चरण के लिए 65 गांव चुने गए हैं। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के तहत 14 स्वच्छ फिश पार्लर बनाए जा रहे हैं।
संवाद में खम्मन सिंह लोधी, समीर कुमार अहिरवाल और राम कुरेरिया सहित किसानों ने अपने खेती के अनुभव बताए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के सातों विकासखंडों में जैविक और प्राकृतिक खेती के हाट बाजार शुरू किए गए हैं।
एक नजर में
- अश्वगंधा के लिए 100 से अधिक किसानों को बीज और प्रशिक्षण।
- मखाने का उत्पादन अगले खरीफ सीजन में शुरू करने की तैयारी।
- 65 गांव क्षीरधारा योजना के पहले चरण में चुने गए।
स्रोत और संदर्भ
- मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग · खेती में नवाचार की नई कहानी लिख रहे हैं दमोह जिले के किसान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ↗15 सितंबर 2026
प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

